मेघनगर में तनाव: धर्मांतरण और गोकशी के विरोध में उग्र हुआ हिंदू संगठन, 3 दिन में 3 जिले बंद करने की चेतावनी
Meghnagar: Hindu organization becomes aggressive in protest against religious conversions and cow slaughter, threatens to shut down three districts..
झाबुआ/मेघनगर। झाबुआ जिले के मेघनगर में पिछले कुछ दिनों से धर्मांतरण और गोकशी के मामलों को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और अन्य हिंदू संगठनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो रतलाम संभाग के तीन जिलों में 'चक्का जाम' और 'नगर बंद' किया जाएगा।
पथराव से पहले काटी गई थी बिजली: सोची-समझी साजिश का आरोप
हाल ही में मेघनगर थाने के बाहर संगठन के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। विहिप के जिला मंत्री राजू निनामा का आरोप है कि जब कार्यकर्ता धर्मांतरण की एफआईआर दर्ज कराकर थाने से बाहर निकल रहे थे, तब उन पर जानबूझकर पथराव किया गया।
संगठन का दावा है कि हमले से ठीक पहले पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई थी। आरोप है कि हमलावरों ने ट्रांसफार्मर (डीपी) को जानबूझकर बंद किया ताकि मारपीट का कोई भी वीडियो रिकॉर्ड न हो सके। इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए संगठन ने प्रशासन से दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का दावा है कि हमले से ठीक पहले पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई थी। आरोप है कि हमलावरों ने ट्रांसफार्मर (डीपी) को जानबूझकर बंद किया ताकि मारपीट का कोई भी वीडियो रिकॉर्ड न हो सके। इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए संगठन ने प्रशासन से दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। कार्यकर्ताओं पर ही एफआईआर से बढ़ा आक्रोश
संगठन में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि पुलिस ने हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय, रिपोर्ट दर्ज कराने गए 19 कार्यकर्ताओं पर ही एफआईआर दर्ज कर दी है। सजेली में हुए बड़े स्तर के गोकशी मामले और पीपलीपाड़ा में धर्मांतरण के प्रयासों के बाद से ही क्षेत्र में सरगर्मी तेज है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे केवल समाज और धर्म की रक्षा का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है।
प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम
विश्व हिंदू परिषद धर्म प्रसार विभाग ने आज रतलाम विभाग के अंतर्गत जिला कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि:
अवैध पादरियों और गोकशी के आरोपियों पर कठोरतम कार्रवाई हो।
कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई 'गलत' एफआईआर वापस ली जाए।
यदि 3 दिन में प्रशासन नहीं जागा, तो रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर सहित पूरे संभाग में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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